अमिताभ बच्चन की जिंदगी से जुड़े 10 “सच” जिन्हें नहीं जानते “फैंन्स”

Fily Teaser हिंदी सिनेमा के शहंशाह, सबके चहेते और “स्टार ऑफ द् मिलेनियमअमिताभ बच्चन बढ़ती उम्र के साथ साथ उनकी एक्टिंग की प्रतिभा और भी निखरती जा रही है। अमिताभ बच्चन वो नाम है, जिसने करीब आधी सदी तक हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि दुनिया के तमाम मुल्कों के दर्शकों के दिलों पर राज किया। जो आज की तारीख़ में किसी भी बॉलीवुड सितारे के लिए मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन सा लगता है। चलिए आज हम आपको अमिताभ की जिंदगी और उनकी फिल्मों से जुड़े 10 किस्से आपको बताते हैं, जिन्हें आपने शायद ही कभी पढ़ा, सुना और जाना हो।

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1- अमिताभ को जिनकी आवाज़ सुनकर ऑल-इंडिया-रेडियो ने कभी उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था। उन्हीं बिग बी की आवाज़ का जादू पूरे हिंदी सिनेमा पर सर चढ़कर बोल रहा है। आपको बताएं फिल्मी पर्दे पर काम मिलने से पहले अमिताभ बच्चन Voice Over का काम मिला था। सन् 1969 में मृणाल सेन की फिल्म आई थी भुवन शोम। जिसमें अमिताभ को आवाज़ देने के बदले मेहनताना मिला था 300 रुपए। लेकिन उस वक्त अमिताभ ने अपनी जादूगरी आवाज़ के बदले महज़ 50 रुपये भी मेहनताने के तौर पर लिए।

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बुलंद आवाज़ के बादशाह “अमिताभ बच्चन”

2- जिस सूरत और मुस्कुराहट के लिए कभी सदी के महानायक को 60 के दशक में फिल्मफेयर-माधुरी पत्रिका ने उनको बाहर का रास्ता दिखा दिया था। उन्हीं अमिताभ बच्चन को 30 से ज्यादा बार Filmfare Award के लिए नॉमिनेट किया गया। आपको बताएं कि 60 के दशक में फिल्मफेयर-माधुरी मैग्जीन ने “एक्टर” कॉटेस्ट शुरू किया था। जिसमें बिग बी ने भी पेड़ पर हाथ रखे मुस्कुराने की अपनी एक तस्वीर भेजी थी, जिसको पहले ही राउंड में बाहर कर दिया गया था।

वो तस्वीर जिसे “एक्टर” के लिए नकार दिया गया

3- बॉलीवुड शहंशाह ने पहली नौकरी कोलकाता की “बर्ड एंड कंपनी” में ज्वाइन की थी। तब उन्हें 500 रुपए बतौर पगार मिलना शुरू हुई जो तमाम भत्ते कटने के बाद 460 रुपए रह जाती थी।

Amitabh bachchan first job
अमिताभ बच्चन ने इसी कंपनी में की “पहली नौकरी”

4- बिग बी ने कोलकाता की BIRD & CO Ltd. कंपनी में काम किया उसकी एक दर्दनाक घटना को उन्होंने ने फिल्मी पर्दे पर भी उकेरा। अमिताभ की एक फिल्म आई थी “काला पत्थर” जिसमें खदान दरकने के सीन को दर्शाया गया है। ये सीन खुद अमिताभ की सल जिंदगी से सरोकार रखता है। दरअसल नौकरी के दौरान अमिताभ बच्चन को खदानों के दौरे पर जाना होता था, उसी दौरान अमिताभ के सामने एक खदान में मशीन टेस्टिंग के दौरान कुछ मजदूर दब गये थे और इसी सीन को फिल्मों में आने पर अमिताभ की फिल्म Kala Pathar में जिया गया।

Amitabh film kala pathar
फिल्म काला पत्थर का सीन

5- अमिताभ और जया बच्चन की प्रेम कहानी और मुलाकात की शुरुवात किसी फिल्मी सेट पर नहीं हुई थी। दरअसल जया और अभि दोनों की आंखे चार हुई थीं, पुणे के फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टीट्यूट में। उस वक्त अमिताभ फिल्म सात हिंदुस्तानी की शूटिंग के लिए FTI पहुंचे थे और जयां वहां से फिल्मों में काम करने की बारीकियां सीखने वाली स्टूडेंट थीं।

6- जिस फिल्म के टाइटल से अमिताभ बच्चन को बॉलीवुड का शहंशाह कहा जाने लगा। उस फिल्म यानी शहंशाह फिल्म की स्टोरी खुद पत्नी जया बच्चन ने लिखी थी।बाद में कहानी को संवारने का काम किया निर्माता निदेशक टीनू आनंद के पिता इंदर राज आनंद ने। जिन्होंने शहंशाह का स्क्रीन-प्ले लिखा।

7- अमिताभ और जया बच्चन की जोड़ी वाली फिल्म “अभिमान” एक ऐसी यादगार फिल्म है, जिसने अपने देश से ज्यादा शोहरत हासिल की पड़ोसी मुल्क श्री-लंका में। आपको बताएं कि श्रीलंका के एंपायर सिनेमा-हॉल में अभिमान पूरे डेढ़ साल तक चली। जो खुद श्रीलंका के फिल्मी इतिहास में आज भी दर्ज़ है।

8- अमिताभ बच्चन की एक और खासियत है जो शायद बहुत कम लोगों को मालूम हो। अमिताभ के दोनों हाथों में जादुई हुनर है। बिग-बी अपने दोनों हाथों यानि दाएं और बाएं दोनों हाथों से लिखते हैं।

Amitabh bachchan can write with their both hand
हाथों के “बाजीगर”

9- सुपर स्टार अमिताभ बच्चन ने एक फिल्म को कम से कम 25 बार देखा। वो फिल्म थी उस वक्त के सुपर स्टार दिलीप कुमार साहब की । फिल्म गंगा-जमुना। और खास बात ये थी कि अमिताभ ने ये फिल्म अपना कॉलेज बंक करके देखी थी।

10- अमिताभ के पिता हरिवंश राय बच्चन ने उनका नाम रखा था इंकलाब। लेकिन उनके मित्र और कवि सुमित्रानंदन पंत के कहने पर इंकलाब नाम बदल दिया गया। और आज जिस नाम का बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक डंका बजता है वो नाम रखा गया “अमिताभ”।  जो भारतीय फिल्म जगत में स्टार ऑफ द् मिलेनियम नाम से चमका।